क्या एक ही ब्लड ग्रुप वाले कपल को बच्चा हो सकता हैHealthPlanet

Posted on Tue 6th Dec 2022 : 09:57

क्या ब्लड ग्रुप के कारण आपकी प्रेगनेंसी प्रभावित हो सकती है?

प्रेगनेंसी के दौरान आपको अपने ब्लड ग्रुप के अलावा अपने रीसस फैक्टर के बारे में भी पता होना चाहिए ताकि बच्चे के जन्म के समय कोई परेशानी न हो।

कई लोगों को अपने ब्लड ग्रुप के बारे में पता नहीं होता है। महिलाओं को अपनी प्रेगनेंसी से पहले अपने ब्लड ग्रुप के बारे में जरूर पता कर लेना चाहिए। आमतौर पर ब्लड ग्रुप ए, बी, एबी और ओ होते हैं। आपका और आपके पार्टनर का ब्लड ग्रुप अलग-अलग होने से गर्भावस्था में आपको या आपके शिशु को कोई नुकसान पहुंचने की संभावना नहीं होती है। मगर रक्त में पाए जाने वाले रीसस फैक्टर की वजह से आपको प्रेगनेंसी के दौरान समस्या हो सकती है। दरअसल रीसस(आरएच) लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला प्रोटीन है। अगर आपके खून में ये प्रोटीन है, तो आप आरएच पॉजिटिव हैं। यदि आपके रक्त में प्रोटीन की कमी है, तो आप आरएच नेगेटिव हैं। आरएच पॉजिटिव सबसे आम ब्लड ग्रुप है। प्रेगनेंसी में यदि आप रीसस नेगेटिव हैं और पहली गर्भावस्था में आपके गर्भ में रीसस पॉजिटिव शिशु पल रहा है, तो आपका रीसस फैक्टर आपकी आने वाली प्रेगनेंसी पर असर डाल सकता है। यदि प्रेगनेंसी में आपके और बच्चे के रीसस ग्रुप में अंतर होता है, तो दूसरे बच्चे को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इनमें निमोनिया, पीलिया और गंभीर बीमारियां होने का डर रहता है। इसके बारे में हमने विस्तार से बात की दिल्ली के फोर्टिस ला फेम मे अस्पताल की एसोसिएट डायरेक्टर डॉ अनीता गुप्ता से।

ब्लड ग्रुप के कारण प्रेगनेंसी पर पड़ने वाले प्रभाव
दरअसल प्रेगनेंसी के दौरान पति-पत्नी का ब्लड ग्रुप अलग-अलग होने से आपको कोई परेशानी नहीं होती है लेकिन रीसस फैक्टर अलग-अलग होने से आपको परेशानी हो सकती है। अगर दोनों पार्टनर आरएच पॉजिटिव होते हैं या आरएच नेगेटिव है, तो इससे कोई परेशानी नहीं है। इसके अलावा अगर पति आरएच पॉजिटिव है और पत्नी आरएच नेगेटिव है, तो इससे भी प्रेगनेंसी के दौरान आपको कोई परेशानी नहीं होती है। लेकिन, अगर पत्नी आरएच नेगेटिव और पति आरएच पॉजिटिव है, तो इससे गर्भावस्था के दौरान आपकी परेशानी बढ़ सकती है। कई बार पहली प्रेगनेंसी के दौरान तो आपको इससे समस्या नहीं होती है लेकिन दूसरी प्रेगनेंसी के दौरान आपको परेशानी हो सकती है।

यदि आप आरएचडी-नेगेटिव हैं, तो इस बात की काफी संभावना होती है कि आपका खून आपके आरएचडी पॉजिटिव शिशु के खून के प्रति प्रतिक्रिया कर सकता है। गर्भावस्था या जन्म के दौरान आपके शिशु को थोड़ा बहुत खून आपके खून में मिल जाता है, तो आपकी अगली प्रेगनेंसी में आने वाले बच्चे को खतरा हो सकता है। आपका इम्यून सिस्टम आरएच-पॉजिटिव खून के खिलाफ एंटीबॉडीज बनाना शुरु कर देगी। यदि ऐसा हो, तो आप आरएच संवेदनशील हो जाएंगी।

मान लीजिए कि अगर भविष्य में आपके गर्भ में एक और आरएचडी पॉजिटिव शिशु हो, तो ऐसे मामले में आपके शरीर में बनी एंटीबॉडीज आपके शिशु की लाल रक्त कोशिकाओं पर हमला कर सकती हैं। इससे शिशु को मस्तिष्क संबंधी समस्याएं भी हो सकती है। इससे बचने के लिए रीसस-नेगेटिव (आरएचडी नेगेटिव) वाली सभी गर्भवती महिलाओं को 28 सप्ताह की गर्भावस्था से एंटी-डी इम्युनोग्लोबुलिन इंजेक्शन दिए जाते हैं। यह इंजेक्शन शिशु को रीसस असंगति से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करता है।

solved 5
wordpress 3 years ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author -> Poster Name

Short info